पेज

मेरी अनुमति के बिना मेरे ब्लोग से कोई भी पोस्ट कहीं ना लगाई जाये और ना ही मेरे नाम और चित्र का प्रयोग किया जाये

my free copyright

MyFreeCopyright.com Registered & Protected

सोमवार, 2 जनवरी 2017

मुझे गुजरना था

मुझे गुजरना था
मैं गुजर गयी
वक्त की नुकीली पगडण्डी से 


तुम्हें ठहरना था
तुम ठहर गए
रेत के ठहरे सागर से 


अब
हाशियों के चरमराते पुलों से
नहीं गुजरती
कोई रेल धडधडाती सी
क्योंकि
सूखे समन्दरों से मोहब्बत के ताजमहल नहीं बना करते ...


डिसक्लेमर :
ये पोस्ट पूर्णतया कॉपीराइट प्रोटेक्टेड है, ये किसी भी अन्य लेख या बौद्धिक संम्पति की नकल नहीं है।
इस पोस्ट या इसका कोई भी भाग बिना लेखक की लिखित अनुमति के शेयर, नकल, चित्र रूप या इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रयोग करने का अधिकार किसी को नहीं है, अगर ऐसा किया जाता है निर्धारित क़ानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
©वन्दना गुप्ता vandana gupta